पितृ दोष क्या है आजकल फेसबुक पे जहाँ देखो वहाँ हर कोई पितृदोष बताये ज़ा रहा है हर किसी पे पूरे घर परिवार पे। पितरों, कुलदेवी, कुलदेवता, कुलभैरव का कोप व उनका बंधन बताया...
भगवान ➡️मैं ईश्वर,भगवान,देवता हूं, मेरे कई नाम कई रूप है,यह अखिल विश्व ब्रम्हांड, ये पूरी सृष्टि “मैं” ही हूं, मैं तटस्थ (न्यूट्रल) हूं, कोई मुझे न “अप्रिय” है और ना ही “प्रिय” है..ये पूरी...
जिस तरह धरती में जिस अन्न,फल,पेड़,पौधे का बिज डालते हैं वही उपजता है इसी तरह व्यक्ति के कर्म हैं आप जो करते हैं वह प्रकर्ति में स्फुरित होते हैं अच्छा या बुरा जो चलता...
तंत्र क्रिया दुष्ट परवर्ती के लोग करते है जो शास्त्र जानने वाला होगा वह कभी किसी पे गलत तंत्र प्रयोग नहीं करेगा क्यों कि वो दंड जनता है लेकिन दुष्ट व्यक्ति का बाहरी रूप...
झूठहूं लेना झूठहूं देना झूठहूं भोजन झूठहूं चबेना .. बोली मधुर ,वचन जिमि मोरा .. खाई महा, अति हृदय कठोरा.. जितने भी यह आडम्बरकारी बहरूपिए हैं, यह सभी इस तुलसी रामायण चौपाई में कहे...
Recent Comments