Category: Stotra

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।। हनुमानाष्टक ।।

।।हनुमानाष्टक ।। ।।हनुमानाष्टक।। बाल समय रवि भक्षी लियो तब,तीनहुं लोक भयो अंधियारों। ताहि सों त्रास भयो जग को,यह संकट काहु सों जात न टारो। देवन आनि करी बिनती तब,छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो। को...

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🔱 संपूर्ण हनुमान चालीसा अर्थ सहित 🔱

🔱 संपूर्ण हनुमान चालीसा अर्थ सहित 🔱 ➡️ श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि। 🗝️अर्थ → गुरु महाराज के चरण.कमलों की धूलि से अपने...

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​श्री सूक्तम् (मंत्र और हिंदी अर्थ सहित)

​श्री सूक्तम् (मंत्र और हिंदी अर्थ सहित)​१. ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्।चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥​अर्थ: हे सर्वज्ञ अग्निदेव (जातवेद)! स्वर्ण के समान रंग वाली, हरिण के समान सुंदर, सोने और चांदी के हार...

नील सरस्वती स्तोत्र 1

नील सरस्वती स्तोत्र

Introduction (प्रस्तावना):सनातन धर्म और तंत्र शास्त्र में मां सरस्वती के कई दिव्य स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें से एक अत्यंत प्रभावशाली और चमत्कारी स्वरूप है—मां नील सरस्वती (Devi Neel Saraswati)। इन्हें दस महाविद्याओं...

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बिल्व पत्र की महिमा

बिल्व पत्र की महिमा: शिव आराधना का परम पावन प्रतीक सनातन धर्म और शिव आराधना में बिल्व पत्र की महिमा को सर्वोपरि माना गया है। ​सनातन धर्म में पेड़-पौधों को देवतुल्य मानकर पूजने की...