आप और आपके गुरु
आप और आपके गुरु अध्यात्म और तंत्र मार्ग में गुरु की महिमा व परम आवश्यकतासनातन संस्कृति में ‘गुरु’ केवल एक व्यक्ति, शिक्षक या मार्गदर्शक नहीं हैं, बल्कि गुरु एक शाश्वत ‘तत्व’ हैं। संसार के...
आप और आपके गुरु अध्यात्म और तंत्र मार्ग में गुरु की महिमा व परम आवश्यकतासनातन संस्कृति में ‘गुरु’ केवल एक व्यक्ति, शिक्षक या मार्गदर्शक नहीं हैं, बल्कि गुरु एक शाश्वत ‘तत्व’ हैं। संसार के...
तंत्र साधना मे गुरु तत्व क्यों जरुरी है ,गुरु तत्व क्या है? जानें अध्यात्म और तंत्र मार्ग में गुरु की महिमा व परम आवश्यकतासनातन संस्कृति में ‘गुरु’ केवल एक व्यक्ति, शिक्षक या मार्गदर्शक नहीं...
मंत्र योग: ➡️ मननात् त्रायते इति मन्त्रः।अर्थात, जिसका मनन (स्मरण और चिंतन) करने से साधक संसार के समस्त भयों और दुखों से तर जाए, वही मंत्र है।मंत्र योग वह दिव्य साधना है, जिसमें अपने...
भगवान श्री कृष्ण: मूल साधना, संध्या विधान और मंत्रों का यथार्थ भगवान श्री कृष्ण: मूल साधना ➡️ भगवान श्री कृष्ण संपूर्ण सृष्टि का आकर्षण हैं; उनके मन के भाव और बाल-लीलाओं से लेकर गीता...
तंत्र-शास्त्र में गुरु-हीन साधना: निषेध और पतन का मार्गतंत्र-शास्त्र में बिना गुरु के साधना को केवल निषेध नहीं, बल्कि सीधा पतन-मार्ग कहा गया है। नीचे शास्त्रीय संस्कृत श्लोक और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से...
Recent Comments