तंत्र क्रिया
तंत्र क्रिया दुष्ट परवर्ती के लोग करते है जो शास्त्र जानने वाला होगा वह कभी किसी पे गलत तंत्र प्रयोग नहीं करेगा क्यों कि वो दंड जनता है लेकिन दुष्ट व्यक्ति का बाहरी रूप अलग होता है वह छद्म भेष धारी होता है कालनेमी की तरह ,किए कराए भूत प्रेत तंत्र किर्या आदि में लोग उपाय पूछते घूमते हैं वह अक्षर गलत लोगो द्वारा बताए गए मंत्र कर लेते है जो लोग इधर उधर से पढ़े हुए सुने हुए मंत्र बताते हैं या जिनसे उपाय करवाते हैं और उनको कोई मंत्र सिद्ध होता है उसी से प्रयोग करते हैं लेकिन वह ये नहीं जानते कि इस मंत्र का प्रभाव ओर क्या क्या होगा ,अगर मंत्र में महा विधा का अग्नि बीज हो या इसी तरह का कुछ ओर हो तो घर के पितृ ओर लोकल देवता भी बंध जाते है जो कि फिर शुभ फल नहीं दे पाते उपाय में जरूरी है परीक्षण कर उस लक्षण को जानना जरूरी है कि किस तरह का तंत्र उसके ऊपर है जब लक्षण का देख लें तभी उसी तरह के मंत्र द्वारा उपाय करना चाहिए

Guruji,ap ka tippani bahut achha hai ,aj kal eise chalta hai.Isi liye divyatma jeevan ki muskil me uljhe rahen hai.Jo pahale se bigda wo kavi nehin sajada.
Ap ki kosish bahut hai,ap ko ananta koti dhanyawad.
धन्यवाद
Ultimate guide to divine truth with the fact in today’s era in the name of tantra. Gurudev ke charano mai pranaam jai ganesh.
जय हो गुरुदेव
कितनी बारीकियां है तंत्र में, और अज्ञानियों ने तंत्र को मजाक बना दिया है।।।धन्यवाद
बहुत ही उपयोगी जानकारी🙏🙏🙏