ठग
झूठहूं लेना झूठहूं देना
झूठहूं भोजन झूठहूं चबेना ..
बोली मधुर ,वचन जिमि मोरा ..
खाई महा, अति हृदय कठोरा..
जितने भी यह आडम्बरकारी बहरूपिए हैं, यह सभी इस तुलसी रामायण चौपाई में कहे गए दोहे वाले ही धूर्त हैं।
सुबह से शाम तक झूठ ही लेते हैं, झूठ ही देते हैं झूठ से ही इनका जीवन यापन चलता है,यह नित नया झूठ घढ़ते है,वही झूठ यहां वीडियो के माध्यम से परोस देते हैं, और सामान्य जन मानस जो किसी कष्ट में उस कष्ट को भोग रहे हैं वे अपने कष्ट से बाहर आने की कामना से इनके बहकावे में आ जाते हैं और इनकी कही करते हैं लेकिन इनकी बोली तो मधुर है लेकिन हृदय बहुत कठोर है, अपनी कमाई के लिए ये दूसरों के अहित से नहीं पिघलते और लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हैं ठीक उसी प्रकार जैसे मयूर दिखता सुंदर है वचन सुंदर है किन्तु भोजन में जहरीले सांप को भक्ष्य लेता है..

सही कहा गुरुदेव आपने🙏🙏🙏
Ap ne sathik tippani diya hai.
आदेश आदेश
पर फिर भी भीड़ ठगों के पास ही सबसे ज्यादा है,🥲
शास्त्रोक्त गुरु ज्ञान वाला हमेशा अध्यात्म में संतुष्ट ही होगा
गुरु कृपा से उसे कभी भटकन नहीं लगेगी
बिल्कुल सही
जय श्री राम
जय हो गुरुदेव महाराज
कटु सत्य गुरुदेव
अपना काम बनता बाद में जाए जनता😂🤣 वाला कार्य है गुरुदेव
पर फिर भी भीड़ ठगों के पास ही सबसे ज्यादा है,🥲
शास्त्रोक्त गुरु ज्ञान वाला हमेशा अध्यात्म में संतुष्ट ही होगा
गुरु कृपा से उसे कभी भटकन ही नहीं रहेगी
बिल्कुल सही
सभी अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं सिद्धि पाना चाहते हैं क्योंकि कोई दूसरा समस्या दूर कर पाएगा या नहीं यह संदेह हमेशा बना रहता है।
इस बात का फायदा बहुत सारे लोग उठाते हैं जो भ्रमित करते हैं। और साधु संत का वेश धारण करके एक भ्रम का आवरण ओढ़े हुए हैं और इससे अन्य लोगों को भ्रमित करते रहते हैं।
लोग भगवान को पाना चाहते हैं भगवान के दर्शन कैसे होंगे इसका तरीका जानना चाहते हैं अपनी भक्ति का फल चाहते हैं या फिर जो भी हो पर लोग जो भी करते हैं उसका परिणाम तो चाहते हैं और इसी का फायदा उठाया जा रहा है।
लेकिन इस मिथ्या जगत में क्या हो सकता है और क्या नहीं इसका ज्ञान प्राय सबको होता ही है तो सच और झूठ यह स्वयं को परखना होगा ,जानना होगा और समझना होगा।
क्योंकि शायद यह तो हर कोई भी समझता है क्या संभव है और क्या असंभव।
बिल्कुल सही
कभी कभी व्यक्ति के भाग्य भी उसको सही जगह नहीं जाने देते
💯 % सत्य वचन