।। श्री गणेश जी के दिव्य द्वादश नाम ।।
।। श्री गणेश जी के दिव्य द्वादश नाम ।। ➡️ विघ्नहर्ता, सिद्धिदाता और मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश के द्वादश नामों का स्मरण जीवन में सुख, समृद्धि, बुद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः।
लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायकः।।
धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः।
द्वादशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि।।
श्रीगणेश के द्वादश नाम स्तोत्र में वर्णित बारह नाम इस प्रकार हैं-
सुमुख- सुंदर मुख वाले,
एकदन्त- एक दाँत वाले,
कपिल- ताम्रवर्ण या कपिल वर्ण वाले,
गजकर्णक- हाथी के समान बड़े कान वाले,
लम्बोदर- विशाल उदर वाले,
विकट- अद्भुत एवं विशाल स्वरूप वाले,
विघ्ननाश- विघ्नों का नाश करने वाले,
विनायक- श्रेष्ठ नेतृत्वकर्ता एवं मार्गदर्शक,
धूम्रकेतु- धूम्रवर्ण ध्वजा धारण करने वाले,
गणाध्यक्ष- समस्त गणों के अधिपति,
भालचन्द्र- मस्तक पर चन्द्र धारण करने वाले,
गजानन- गज (हाथी) के समान मुख वाले।
फलश्रुति-
शास्त्रों के अनुसार जो श्रद्धापूर्वक इन बारह नामों का नित्य स्मरण करता है, उसके कार्यों में आने वाले विघ्न दूर होते हैं तथा उसे बुद्धि, सिद्धि, धन, यश और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
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