पितृ दोष

आजकल फेसबुक पे जहाँ देखो वहाँ हर कोई पितृदोष बताये ज़ा रहा है हर किसी पे पूरे घर परिवार पे। पितरों, कुलदेवी, कुलदेवता, कुलभैरव का कोप व उनका बंधन बताया ज़ा रहा है और बोला ज़ा रहा है कि जब तक ये प्रसन्न नहीं होते, इनको भोग नहीं दिया जाता तबतक घर परिवार में अशांति दरिद्रता अवनति बनी रहती है।
नेगेटिव शक्तियाँ घर में लोगों में घुस जाती हैं।
बिना पितरों व कुलदेवी के आपका पूजा पाठ भोग ऊपर आपके इष्ट ईश्वर तक नहीं जाता।
इसलिये पितरों को शाँत करो
कुलदेवी को मनाओ
इत्यादि इत्यादि बताया ज़ा रहा है चारौ ओर।
इसलिये ये भ्रम और भय की स्थिति बनी हुई है हर किसी के अंदर कि क्या करें ? किसको मनाएं ? किसको पहले पूजें ? किसकी उपासना करें ? किसकी नहीं

      *निवारण*

निवारण पितृ दोष कुंडली में आता है उसका 3 तरह का उपाय है
भागवत परायण
पितृ के प्रति संध्या समय दीपक
तीसरा सब से सटीक उपाय है देवताओं की साधना अच्छा हो किसी अच्छे शास्त्रीय साधक से दीक्षा ले के करें, देवताओं की साधना का 5% पुण्य पितृ को स्वत: ही चला जाता है क्यो की हम उनके ही अंश हैं और इसी से पितृ तृप्त होते हैं आशीर्वाद देते हैं

क्या कभी कोई प्रकृति को बांध सकता है?? अगर नही तो देवता कुल देवी कैसे बंध जाएंगे,हो स्वयं इस सृष्टि को चलाते हैं उनको बांध देने की बात करने वाले नीरे मुर्ख है,देवता न्यूट्रल हैं वह सिर्फ उसका भला करते जो उनकी उपासना करता है बंध कर देगा तो फिर न्यूट्रल (ये लोजिक किसी और पोस्ट में जमझाएंगे)

जो लोग भोग बली की बाते करते हैं उनको ये जानना चाहिए देवताओं की आराधना करते हैं नही करते हैं तो सामान्य पूजा करते हैं तब भी देवताओं को रोज मिस्ठान चढ़ाते ही हैं भले गुड ही चढ़ाएं

बली किसी देवता को नही चाहिए एक अजीब तरह की बात बना ली है की सात्विक बलि दे दो भाई देवता को कोई बली नही चाहिए बली का अर्थ होता है उसमे सामग्री है विशेष तरह की और दक्षिणा ये भ्रमित बाते ना करें

साधनाओं का एक पूरा विधान होता है मंत्र में देवताओं के अलग अलग रूप के मंत्र इनमे भी एक दूसरे से विरोधाभास होता है तो जो तंत्र का जानकर वह उसका सामजस्य बनाता है इसका भी पूरा विधान है जब तक व्यक्ति पूरी तरह नही जानता वह सामने वाले का अहित ही कर देता है

admin

Mantra gyan

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2 Responses

  1. Deepak says:

    Jai shri राम
    जय श्री गुरूजी महाराज

  2. Deepak sharma says:

    जय श्री राम

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