कर्ण पिशाचनी साधना। सभी मित्रों को यथा योग्य नमस्कार.. आप सभी का स्वागत है, आज चर्चा करेंगे उस गंभीर विषय पर, जिसकी वजह से हजारों लोगों का जीवन, उनके परिजनों का जीवन और कुछ कुछ केसों में तो पीढ़ियों का जीवन भी नर्क हो चुका है, और उसके जिम्मेदार है वे धूर्त जो स्वयं को सोशल मीडिया पर स्वयंभू सिद्ध घोषित किए हुए हैं। विगत 3,4 वर्षों से सोशल मीडिया पर तथाकथित सिद्धों(तांत्रिको )की तंत्र पर वीडियो की बाढ़ सी आ गई है, और हम देख रहे हैं कि जैसा वह ज्ञान देते है वह खोखला व अनुभव हीन ज्ञान लगता है , कुछ भी उल जलूल मंत्र और विधान जिसके दुष्प्रभाव कई बार करने वाले की पीढ़ियां तक भोगती हैं। अभी कुछ समय से कर्ण पिशाचनी पे 50,60 वीडियो देखी.. सभी का अजीब ज्ञान है कोई कहता है कि कि, कर्ण पिशाचनी मल मूत्र से प्रसन्न होती है, कोई कहता है कि कई प्रकार की कर्ण पिशाचनी होती है, कोई कुछ भी मन से नया बना कर जो सुनने में अलग सा लगे वह जोड़ कर बोल देता है, इतर अब इन लोगों ने ना तो कभी मंत्र जाना, ना ही कभी इनकी किसी की परंपरा से किसी ने अनुभव ही लिया, कुछ तो इस तरह का ज्ञान देते है कि उनके शिष्य बगलामुखी जप रहे थे और उनको कर्ण पिशाचनी सिद्ध हो गई।। हमने आज तक तो नहीं देखा कि रमेश को आवाज लगाओ और सुदर्शन आ जाए ,खैर टॉपिक पे आते है .. कर्ण पिशाचनी साधना सात्विक है कठिन है किसी प्रकार का कोई भी गंदा भोग नहीं लगता।। कर्ण पिशाचनी के अपने कुछ विधान हैं जैसे सभी सिद्धि में विधान नियम होते है , व्यक्ति का पात्र होना जरूरी है कर्ण पिशाचनी का मंत्र ही भगवती से शुरू होता है कर्ण पिशाचनी साधना वाला व्यक्ति सिद्धि हो जाने बाद हर तरह से भरपूर हो जाता है। कोई सुख ऐसा नहीं जो प्राप्त ना होता हो, हां कुछ सुख जरूर बाहरी मिलते है वह उसके जीवन में परमानेंट नहीं आ पाते पर बाहर उससे जायदा मिलते हैं इस पर फिर कभी चर्चा होगी विस्तार से.. कर्ण पिशाचनी भूत, भविष्य, वर्तमान, उपाय सभी कुछ बताती है तो आज आखिर में सभी सोशल मीडिया सिद्धों से हाथ जोड़ कर विनती है, जिनको साधनाओं का ज्ञान नहीं वह भ्रम ना फैलाए, हर क्रिया की प्रति क्रिया होती है आपका थोथा ज्ञान गलत मंत्र, विधान किसी के जीवन का सत्यानाश कर सकता है, और उस से कमाया गया मोटा धन आपको भी फलीभूत हो यह संभव नहीं है…!!

admin

Mantra gyan

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10 Responses

  1. जितेन्द्र झा 'गुड्डू' says:

    100% सत्य

  2. ratnakar shukla says:

    जी गुरुदेव, सत्यवचन आपके द्वारा।

  3. Yankesh Vyas says:

    प्रणाम गुरूदेव

  4. आचार्य संदीप says:

    समझ से परे ,करणपिशछिनी सात्विक कब से हो गयी

  5. pankaj says:

    गुरुजी अभी मैं नया हूँ इस राह पर लेकिन आपकी बात पढ़ कर लगता है की आप कुछ हटके ज्ञान देते हैं l सत्य वचन

  6. BIJAL KHAMAR says:

    प्रणाम गुरुदेव

  7. admin says:

    आचार्य संदीप जी आपने अनुभव लिया कभी??

  8. Amit Dixit says:

    सही कहा गुरुवर

  9. Renu says:

    *चरण स्पर्श गुरु जी 🙇*

  10. VISHAL SHARMA says:

    charansparsh guru ji

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