नियति
न
व्यक्ति भगवान की तरफ दो वजह से ही आता है या तो जीवन में जब कठिनाई हो या फिर मन ईश्वर की तरफ हो।
जीवन में जब हम कठिनाई से घिरते हैं तब हमारी मानसिकता की परीक्षा होती है उस समय में धैर्य की आवश्यकता होती है,भगवान हमको मार्ग तो देता है लेकिन कहीं कहीं हम भ्रमित होते हैं और जिद पकड़ते हैं जैसे छोटे बच्चे को किसी अपनी पसंदीदा वस्तु के लिए जिद होती है,इसी तरह जब हम आध्यात्मिक मार्ग के लिए जिद पकड़ते हैं तो अगर उस विषय का सही व्यक्ति ना मिले तो सीधा गर्त में जाना तय है ,
बहुत बार ऐसे लोग मिलते हैं जो कहीं कहीं से कुछ भी ले के जपते हैं फिर स्थिति खराब किए उपाय पूछने आते हैं कारण होता है गलत मंत्र,या गलत उच्चारण मंत्र अगर सही होगा तो देह,या कर्म खराब नहीं करेगा यह निश्चित है, अगर गलत प्रभाव लगता है तो नियति से जिद करने की बजाए व्यक्ति को मार्ग बदलना चाहिए।
बहुत बार लोग आते हैं कि की गारंटी ही दो की मंत्र से से प्रयोग से सब सही ही होगा तो ये बात भी जानने योग्य है।
1.जीवन में में कोई भी प्रयास गारंटी नहीं देता है।
2.क्या कोई भी बिज़नस शुरू करने से पहले कोई गारंटी है।
3.क्या कोई भी कार्य की सफलता की गारंटी होती है।
4.क्या डॉक्टर बीमारी ठीक करने की गारंटी लेता है
अगर नहीं तो फिर अध्यात्म,मंत्र से गारंटी की अपेक्षा क्यों ??
मंत्र एक विज्ञान है मंत्र स्फूर्त होता है जब वह आपके कर्म के साथ जुड़ता है अपने लेवल तक वह पाप क्षीण नहीं करता तब तक लाभ नहीं देता ।
जब नित्य जप हो निश्चित है कि लाभ देगा लेकिन समय लगेगा विश्वास की डोर पकड़ के रखनी पड़ेगी

जय हो गुरुदेव महाराज जी
Sty kathan guruji
Jay ho 🙏
प्रणाम गुरुदेव
धैर्य व सही गुरु प्रदत मंत्र के प्रति विश्वास की आवश्यकता होनी चाहिए।