मंत्र और ठग
तंत्र हर एक युग में शरण स्थल रहा है और हर युग में बीज या सुप्त अवस्थता में रहा है जो हमारे ऋषि हैं वह सत्यपुरुष ही कहे जाते हैं वह आज भी हैं...
तंत्र हर एक युग में शरण स्थल रहा है और हर युग में बीज या सुप्त अवस्थता में रहा है जो हमारे ऋषि हैं वह सत्यपुरुष ही कहे जाते हैं वह आज भी हैं...
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