Monthly Archive: June 2017

कालसर्प योगों के प्रकार 0

कालसर्प योगों के प्रकार

गतांक से आगे…… हम इस लेख में कालसर्प योगों के प्रकार पर प्रकाश डालेंगे….. कालसर्प योगों के प्रकार : राहु – केतु के विभिन्न राशियों में भ्रमण करने एवं विभिन्न भावो को प्रभावित करने...

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कालसर्प योग : वरदान या श्राप

कालसर्प योग: वरदान या श्राप कालसर्प योग आजकल का सबसे महत्वपूर्ण विषय बन चूका है क्यूंकि इस विषय से सम्बंधित पूर्ण जानकारी न होने के कारण यह एक नकारात्मक योग की श्रेणी में आता...

राजस्थानी साहित्य में ज्योतिष दोहे 0

राजस्थानी साहित्य में ज्योतिष दोहे

राजस्थानी साहित्य में ज्योतिष दोहे आप सभी ने आज तक ज्योतिष को संस्कृत और हिंदी में ही पढ़ा और समझा है! आज हम आपको ज्योतिष दोहों से अवगत कराएंगे जो की राजस्थानी भाषा में...

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!! ध्यान रखने योग्य बातें !!*

!! ध्यान रखने योग्य बातें !! किसी भी प्रयोग को करने से पहले मंत्र का जप किया जाता है, ताकि उस प्रयोग में सफलता प्राप्त हो । ऐसे समय में निम्नलिखित बातों पर ध्यान...

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!! त्रिकाल-दर्शक गौरी-शिव मन्त्र !!

!! त्रिकाल-दर्शक गौरी-शिव मन्त्र !! विनियोगः- अनयोः शक्ति-शिव-मन्त्रयोः श्री दक्षिणामूर्ति ऋषिः, गायत्र्यनुष्टुभौ छन्दसी, गौरी परमेश्वरी सर्वज्ञः शिवश्च देवते, मम त्रिकाल-दर्शक-ज्योतिश्शास्त्र-ज्ञान-प्राप्तये जपे विनियोगः।* ऋष्यादि-न्यासः- श्री दक्षिणामूर्ति ऋषये नमः शिरसि, गायत्र्यनुष्टुभौ छन्दोभ्यां नमः मुखे, गौरी...