भ्रम
बहोत बार लोगो के मुंह से सुनते हैं की कुल देवी नाराज है कुल देवता नाराज है क्या देवी देवता मन्युष्य हैं जो नाराज होंगे??? बहुत से बोलते हैं देवी देवता बांध दिए, देवी देवता अर्थात यह प्रकृति हैं यह न्यूट्रल है यह कैसे नाराज या कैसे इस सृष्टि स्वामी को बांध देगा, देवता का संबंध मंत्र से मंत्र जपोगे देवता से संबंधित होने लगोगे छोड़ दोगे तो फिर तथस्ट हो जायेंगे फिर नाराजगी कहां से हो गई ??? हमारे ऋषियों ने इस प्रकृति से मंत्रो द्वारा देवता की रूप रचना अर्थात जो कार्य चाहते हैं वह रूप निर्माण की बवस्था मंत्र रचे हैं देवता के मंत्र जप करोगे वह उस रूप संबंधित अणु एकत्र होने सुरु होंगे और मंत्र की एक निश्चित मात्रा होने पे वह कार्य पूर्ण होता है तो इसमें देवी देवता का नाराज होने का संबंध कहा हुआ
मंत्र जप करोगे देवता की ऊर्जा मिलेगी मंत्र जप छोड़ दोगे देवता तथस्ट हो जायेगा
अशोक भारद्वाज द्वारा
जो लोग बोलते हैं फला देवी की सवारी आती ह फलां देवता की सवारी आती है वह प्रेत ग्रस्त होते हैं सवारी प्रेत करते हैं ,जो व्यक्ति गलत तरह के मंत्र जपते हैं जो बनाए हुए मंत्र जपते हैं जो प्रायोगिक मंत्र को नित्य जप में करते हैं ऐसे व्यक्ति धीरे धीरे नागेटिविटी में घिर जाते हैं।
उत्कीलित् मंत्र जपिए कभी अहित नही होगा।

जय हो गुरुदेव महाराज जी की
🙏🙏🙏
अतिसुन्दर गुरूदेव बहू उपयोग ज्ञान
जय गुरुदेव बहुत ही उत्तम विचार एवं विश्लेषण
जय हो 🙏
जय हो गुरुदेव
ऐसी सहि ओर सटीक जानकारी कोई नहि देता है
कोटी कोटी चरण वंदन
जय गुरुदेव
जय गणनायक
गुरुदेव प्रणाम चरण वंदन