Category: Mantra Tantra Yantra
शिव महिम्न स्तोत्रम् महिम्न: पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी, स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिर: । अथावाच्य: सर्व: स्वमतिपरिणामावधि गृणन्, ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवाद: परिकर: ।।1।। अतीत: पन्थानं तव च महिमा वाड्मनसयो, रतद्व्यावृत्त्या यं चकितमभिधत्ते श्रुतिरपि । स...
आजकल फेसबुक पे जहाँ देखो वहाँ हर कोई पितृदोष बताये ज़ा रहा है हर किसी पे पूरे घर परिवार पे। पितरों, कुलदेवी, कुलदेवता, कुलभैरव का कोप व उनका बंधन बताया ज़ा रहा है और...
आप सभी को यथा योग्य प्रणाम/नमस्कार.. आज हम चर्चा करेंगे उन लोगों के विषय में जो उस बीमारी से पीड़ित है जिसका इलाज मेडिकल साइंस में भी नहीं है जिसे ऊपरी बाधा या प्रेत...
1- कान छिदवाने की परम्परा –: भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है। वैज्ञानिक तर्क –: दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्ति बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना...
यज्ञ एवम उसके प्रकार यज्ञ का तात्पर्य है- त्याग, बलिदान, शुभ कर्म। अपने प्रिय खाद्य पदार्थों एवं मूल्यवान् सुगंधित पौष्टिक द्रव्यों को अग्नि एवं वायु के माध्यम से समस्त संसार के कल्याण के लिए यज्ञ...
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