श्रावण मास विशेष : बिल्वपत्र की महिमा
बिल्वपत्र की महिमा बिल्ववृक्ष साक्षात् शंकररूप है। ब्रह्मा आदि देवता शक्ति प्राप्त करने के लिए बिल्ववृक्ष के नीचे आकर बैठते हैं। आशुतोष शिव को बिल्वपत्र कितना प्रिय है, इसका अनुमान इस कथानक से लगाया...
बिल्वपत्र की महिमा बिल्ववृक्ष साक्षात् शंकररूप है। ब्रह्मा आदि देवता शक्ति प्राप्त करने के लिए बिल्ववृक्ष के नीचे आकर बैठते हैं। आशुतोष शिव को बिल्वपत्र कितना प्रिय है, इसका अनुमान इस कथानक से लगाया...
# सर्वार्थ साधक मंत्र गुरू मंत्र के तराहा ही कल्पवृक्ष है जो किसी भी शाबर मंत्र मे सफलता देने हेतु साहाय्यक माना जाता है. सर्वार्थ साधक गुरू मंत्र की 21 बार जप करे, मंत्र-...
॥ श्रीदशमहाविद्याकवचम् ॥ विनियोगः ॐ अस्य श्रीमहाविद्याकवचस्य श्रीसदाशिव ऋषिः उष्णिक् छन्दः श्रीमहाविद्या देवता सर्वसिद्धीप्राप्त्यर्थे पाठे विनियोगः । ऋष्यादि न्यासः श्रीसदाशिवऋषये नमः शिरसी उष्णिक् छन्दसे नमः मुखे , श्रीमहाविद्यादेवतायै नमः हृदि सर्वसिद्धिप्राप्त्यर्थे , पाठे विनियोगाय...
।। श्री भृगु संहिता सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र ।। श्री भृगु ऋषि द्वारा रचित सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र प्रायः सभी स्त्रोत में सर्वोत्तम है! इस स्त्रोत के पठन मात्र से व्यक्ति अपनी कुंडली में उपस्थित किसी...
!! ध्यान रखने योग्य बातें !! किसी भी प्रयोग को करने से पहले मंत्र का जप किया जाता है, ताकि उस प्रयोग में सफलता प्राप्त हो । ऐसे समय में निम्नलिखित बातों पर ध्यान...
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